झारखंड में PHD छात्रों के लिए बड़ा मौका: ग्रामीण इनोवेशन इंटर्नशिप में बनेंगे “Mentor of Mentors”, मिलेंगे ₹10,000 महीना
झारखंड में उच्च शिक्षा से जुड़े छात्रों के लिए एक नई पहल शुरू की गई है, जिसमें अब पीएचडी स्कॉलर ग्रामीण क्षेत्रों में नवाचार और पारंपरिक ज्ञान की पहचान कराने में अहम भूमिका निभाएंगे।
राज्य के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में पढ़ रहे स्नातक व स्नातकोत्तर छात्रों को “ग्रासरूट्स इनोवेशन इंटर्नशिप” के तहत फील्ड वर्क कराया जाता है, और इस बार इन टीमों को गाइड करने की जिम्मेदारी पीएचडी छात्रों को दी जाएगी। इसके लिए उन्हें “Mentor of Mentors” के रूप में चुना जाएगा।
इस कार्यक्रम को लागू करने के लिए Jharkhand Council of Science, Technology and Innovation ने आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इच्छुक पीएचडी छात्र 7 अप्रैल तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
🎓 क्या है इंटर्नशिप प्रोग्राम?
इस योजना के तहत:
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2 महीने की पेड इंटर्नशिप दी जाती है
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हर टीम में 4 छात्र + 1 फैकल्टी मेंबर शामिल होते हैं
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इंटर्नशिप के दौरान छात्र गांवों में जाकर
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पारंपरिक ज्ञान
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स्थानीय नवाचार
की पहचान करते हैं
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यह प्रोग्राम आमतौर पर जून से अगस्त के बीच आयोजित होता है।
👨🏫 PHD छात्रों की भूमिका क्या होगी?
“Mentor of Mentors” के रूप में चयनित पीएचडी छात्र:
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अधिकतम 50 इंटर्नशिप टीमों को गाइड करेंगे
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छात्रों और काउंसिल के बीच समन्वयक बनेंगे
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ऑनलाइन ट्रेनिंग और रिपोर्ट तैयार करने में मदद करेंगे
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इंटर्नशिप रिपोर्ट का रिव्यू और मूल्यांकन करेंगे
शुरुआत में उन्हें 2–3 दिन की ट्रेनिंग के लिए रांची बुलाया जाएगा, बाकी काम वर्क फ्रॉम होम से किया जा सकेगा।
💼 सैलरी और फायदे
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हर महीने ₹10,000 मानदेय
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कुल अवधि: 4 महीने
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आगे इसे ₹20,000 तक बढ़ाने की तैयारी
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काम पूरा होने पर मिलेगा:
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Training Certificate
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Mentorship Certificate
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🔥 क्यों है ये मौका खास?
यह योजना न सिर्फ पीएचडी छात्रों को कमाई का अवसर देती है, बल्कि उन्हें:
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रिसर्च का रियल-ग्राउंड एक्सपीरियंस
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नेटवर्किंग और गाइडेंस स्किल
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ग्रामीण भारत के इनोवेशन से जुड़ने का मौका
भी प्रदान करती है।

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