झारखंड, जिसे “वनों और खनिजों की धरती” कहा जाता है, अपने भौगोलिक स्वरूप और जलवायु के कारण हमेशा मौसम की विविधता से प्रभावित होता है। यहाँ का मौसम अक्सर अप्रत्याशित माना जाता है—कभी तेज धूप, कभी घने बादल, तो कभी अचानक बारिश। सितंबर माह के मध्य से लेकर अक्टूबर की शुरुआत तक का समय झारखंड में मानसून की विदाई का समय माना जाता है। इस दौरान मौसम में उतार-चढ़ाव, बारिश की अनियमितता, और तापमान में अचानक बदलाव देखने को मिलता है।
अगले 15 दिनों का मौसम झारखंड के लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है, क्योंकि इस दौरान यहाँ पर त्योहारों की शुरुआत (विश्वकर्मा पूजा, दुर्गापूजा की तैयारियाँ), कृषि कार्य (धान की फसल का पकना) और शहरों में यातायात की स्थिति जैसी कई चीजें मौसम से सीधे जुड़ी रहती हैं।
1. झारखंड का भौगोलिक और जलवायु परिदृश्य
झारखंड की जलवायु उष्णकटिबंधीय (tropical) है। यहाँ गर्मियों में तापमान 40°C तक पहुँच जाता है, जबकि सर्दियों में यह 10°C तक गिर सकता है। मानसून का आगमन जून में होता है और सितंबर के अंत तक सक्रिय रहता है।
- उत्तर और पश्चिमी झारखंड (पलामू, गढ़वा, लोहरदगा, हजारीबाग) में बारिश अपेक्षाकृत कम होती है।
- दक्षिणी और पूर्वी झारखंड (रांची, जमशेदपुर, सरायकेला, पश्चिम सिंहभूम, बोकारो, धनबाद) में मानसूनी बारिश अधिक देखने को मिलती है।
- रांची और आसपास के पहाड़ी इलाकों में बारिश के साथ-साथ तापमान में गिरावट जल्दी आती है।
2. अगले 15 दिनों का मौसम पूर्वानुमान
भारतीय मौसम विभाग (IMD) और स्काईमेट वेदर रिपोर्ट के अनुसार, झारखंड में अगले 15 दिनों का मौसम इस प्रकार रहने की संभावना है:
(i) 15 से 20 सितंबर
- हल्की से मध्यम बारिश की संभावना।
- अधिकतम तापमान: 30°C से 32°C
- न्यूनतम तापमान: 19°C से 21°C
- आंशिक बादल छाए रहेंगे, दोपहर या शाम को गरज-चमक के साथ बौछारें हो सकती हैं।
(ii) 21 से 25 सितंबर
- मानसून का असर कमजोर होगा।
- धूप निकलने के साथ उमस बढ़ेगी।
- अधिकतम तापमान: 32°C से 34°C
- न्यूनतम तापमान: 20°C से 22°C
- रातें थोड़ी ठंडी लेकिन दिन चिपचिपे और उमस भरे रहेंगे।
(iii) 26 से 30 सितंबर
- एक बार फिर बारिश का दौर लौट सकता है।
- अधिकतम तापमान: 28°C से 30°C
- न्यूनतम तापमान: 18°C से 20°C
- बिजली गिरने (lightning) और वज्रपात की संभावना। ग्रामीण इलाकों में सतर्कता जरूरी।
(iv) 1 से 5 अक्टूबर
- मौसम शुष्क होगा।
- हल्की धूप और सुबह-शाम हल्की ठंडक का एहसास।
- अधिकतम तापमान: 29°C से 31°C
- न्यूनतम तापमान: 17°C से 19°C
- त्योहारों के मौसम (दुर्गापूजा) के लिए अनुकूल मौसम।
3. मौसम का कृषि पर असर
झारखंड की लगभग 70% आबादी कृषि पर निर्भर है और धान यहाँ की प्रमुख फसल है। अगले 15 दिनों का मौसम किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगा।
- धान की फसल पकने का समय: सितंबर के अंतिम सप्ताह से अक्टूबर तक धान की फसल पकने लगती है।
- बारिश की संभावना: अगर बारिश संतुलित हुई तो धान की बढ़वार अच्छी होगी, लेकिन अधिक बारिश से फसल गिर सकती है।
- वज्रपात का खतरा: झारखंड में हर साल सैकड़ों किसान वज्रपात का शिकार होते हैं। इसलिए खेतों में काम करते समय सावधानी जरूरी है।
👉 किसानों को सलाह:
- धान की फसल में पानी का संतुलन बनाए रखें।
- बिजली-गर्जना के समय खेतों से दूर रहें।
- सब्जी की खेती करने वाले किसान फसल को बारिश से बचाने के लिए तिरपाल या पॉलीथिन का उपयोग करें।
4. त्योहारों पर असर
अगले 15 दिनों में झारखंड में कई बड़े त्योहार आने वाले हैं।
- विश्वकर्मा पूजा (17 सितंबर): इस दिन बारिश की संभावना है। कई जगहों पर आंशिक बादल रहेंगे।
- जिउतिया व्रत (20-21 सितंबर): धूप और बादलों का मिश्रण रहेगा।
- दुर्गा पूजा की तैयारियाँ (सितंबर अंत से अक्टूबर की शुरुआत): इस दौरान मौसम शुष्क और सुहाना रहेगा। पंडाल निर्माण में बारिश की बड़ी बाधा नहीं होगी।
5. स्वास्थ्य पर असर
मौसम बदलने के साथ स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ भी बढ़ सकती हैं।
- संभावित बीमारियाँ: डेंगू, मलेरिया, सर्दी-जुकाम, वायरल फीवर।
- सावधानियाँ:
- साफ पानी पिएँ।
- मच्छरों से बचाव करें।
- बच्चों और बुजुर्गों को मौसम के अनुरूप कपड़े पहनाएँ।
6. यात्रा और यातायात पर असर
- बारिश होने पर सड़कों पर फिसलन बढ़ेगी, जिससे हादसों की संभावना रहती है।
- रांची, जमशेदपुर, धनबाद जैसे शहरों में जलजमाव की स्थिति भी हो सकती है।
- रेलवे और हवाई सेवा सामान्य रहने की संभावना है, हालांकि अचानक बारिश से देरी संभव है।
7. ग्रामीण बनाम शहरी असर
- ग्रामीण इलाकों में किसान मौसम के बदलाव को लेकर सबसे अधिक चिंतित रहते हैं।
- शहरी इलाकों में त्योहारों की तैयारी और यातायात पर असर अधिक दिखाई देगा।
8. मौसम वैज्ञानिकों की राय
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार मानसून सामान्य रहेगा। झारखंड में औसत से थोड़ी कम बारिश दर्ज हो सकती है। सितंबर के अंत तक मानसून धीरे-धीरे विदा होना शुरू कर देगा।

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